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संगीत के बीना जीवन एकदम अधूरा है -सुधा रघुरामन

Written By Manik Chittorgarh on 21 अप्रैल 2018 | 6:00:00 am

प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक  20.04.2018
विरासत श्रृंखला 2018 का आगाज
संगीत के बीना जीवन एकदम अधूरा है -सुधा रघुरामन

सचिव विनय शर्मा ने कहा कि बीस अप्रैल को मीनाक्षी श्रीनिवासन  की भरतनाट्यम नृत्य की पहली प्रस्तुती सुबह नौ बजे स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल भदेसर में हुई जहाँ गुरुओं का अभिनन्दन प्रधानाचार्य हिमांशु जानी ने किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न भाव भांगनाओं के माध्यम से कृष्ण भजनों पर मनमोहक प्रस्तुति दी गई। शास्त्रीय नृत्यों को देश की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए मीनाक्षी ने विद्य़ार्थियों के पूछे प्रश्नों के भी जवाब दिये। कुछ नृत्य भगिमाओं का अभ्यास विद्यार्थियों से भी कराया यह बहुत सुखद पल थे जिसे विद्यार्थियों ने बेहद उत्साहपूर्वक सीखा। संगतकारों के रूप में गायक हरी प्रसाद, मृदगम वादक वी.के वेद कृष्णम, नटुवंगम वादक जयश्री रामनाथन ने शिरकत की। इस मौके पर में पुलिस उपअधिक्षक गोपाल दास रामावत, विकास अधिकारी मोहित दवे सहित अभिभावक व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। संचालन मंजु मील ने किया। 

इधर दुसरी प्रस्तुति सेन्ट्रल अकादमी सीनियर सेकंडरी स्कूल चित्तौड़गढ़ में दिन में साढ़े बारह बजे हुई। मुख्य कलागुरु ने भरतनाट्यम नृत्य को समझाते हुए विद्यार्थियों से नृत्य के कुछ स्टेप्स भी करवाए तो आनन्दित हो विद्यार्थियो ने भी उनके कदम से कदम मिलाए। पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थी उत्साहित हो उनकी भाव भंगिमाओ का अनुसरण करते दिखे। भरतनाट्यम की दोनों प्रस्तुतियों के केंद्र में भगवन कृष्ण छाए रहे। कार्यक्रम संयोजन स्पिक मैके सहसचिव गौरव कुमावत ने किया।

उन्नीस अप्रैल को स्पिक मैके की विरासत श्रृंखला 2018 का आगाज सुधा रघुरामन के कर्नाटकी गायन के साथ हुआ। गुरूवार को विख्यात कर्नाटकी गायिका सुधा रघुरामन ने अपने संगतकारों के साथ चित्तौड़गढ़ के दो शैक्षणिक संस्थानों में अपनी प्रस्तुतियां दे दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। स्पिक मैके सदस्य नजमुल हसन ने बताया कि पहली प्रस्तुति सैनिक स्कुल सभागार में प्रातः 11 बजे हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ सैनिक स्कुल प्रधानाचार्य कर्नल राजेश राघव, सैनिक स्कुल प्रशासनिक अधिकारी मेजर संजय कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन द्वारा किया। यह पहली बार हुआ कि शहर में दक्षिण भारतीय गायन शैली का आयोजन हुआ। 

शुरूआत में कलागुरू ने कहा कि शास्त्रीय गायन से आनंद की अनुभूति होती है। इसके प्रति पूर्वानुमान ना बनाएं। शास्त्रीय गायन रियाज का परिणाम  है। यहाँ यह भी ध्यान रखना होगा कि हमें संगीत का चयन बड़े सचेत होकर करना होगा। संगीत के बीना जीवन एकदम अधूरा है। कलागुरु रघुरामन ने उपस्थित छात्रों के मन में शास्त्रीय गाान के प्रति शंकाओं का सहज जवाबों द्वारा समाधान किया। उपस्थित श्रोताओं को जब गायन  से जोड़ते हुए सप्तसुरों का अपने साथ अभ्यास कराया तो छात्रों ने भी गायन का लुप्फ उठाया। यही प्रस्तुति का चरम था।

संगतकार मृंदगम वादक कुम्बकोणम एन पदमनाभन एवं वायलन वादक वी.एस.के अण्णादुरै थे। वाद्ययंत्रों की जुगलबंदी से उपजे सुुमधुर संगीत ने भी श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम संयोजन शैलेष ने किया। प्रस्तुति के दौरान स्पिक मैके हेरिटेज क्लब ऑफ़ सैनिक स्कूल कोर्डिनेटर ज्ञानेश्वर सिंह, स्पिक मैके वरिष्ठ सलाहकार आर. के दाशोरा आदि मौजुद थे।

सुधा रघुरामन की दूसरी प्रस्तुति गुरूवार शाम साढे़ छह बजे  सैन्ट्रल अकादमी स्कुल में हुई। मेडिटेशन विद म्युजिक पर आधारित पर कार्यक्रम उपस्थित दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ने में सफल रहा। शुरुआती आवभगत बीमा अधिकारी आर.एन.डाड, अध्यक्ष अश्लेश दशोरा स्पिक मैके वरिष्ठ सलाहकार डॉ. साधना मंडलोई, एस.के शर्मा, अजीम प्रेमजी फाउडेशन रिसोर्स पर्सन रमेश शर्मा ने किया। गायिका ने शास्त्रीय गायन की बारिकियों से उपस्थित श्रेताओं को बड़ी सहजता व सरलता से  परिचित करवाया। उन्होने बताया कि शास्त्रीय गायन मन के  खुबसुरत मनोभावों को व्यक्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है। इसा में गणित विज्ञान सबकुछ समाहित है। साथ ही इसमें सबसे ख़ास है मनोभाव जो इंसान को संवेदनशील बनाते हैं। कर्नाटकी संगीत के भागों की जानकारी के साथ ही मनोधर्मी कर्नाटकी संगीत की व्याख्या करते हुए मधुर प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध कर दिया। नागेन्द्रहाराय, त्रिलोचनाथ नमः शिवाय बंदिश ने भगवान् शिव को साकार किया वहीं गजानन वंदना भी भाव विभोर कर गयी। दक्षिण भारतीय होने के बावजुद हिन्दी भाषा की महता को बताते हुए गायन की अधिकतम व्याख्या उन्होंने हिन्दी में ही कर श्रेताओं के मन को छू लिया। उन्होंने कहा कि भाषा कभी संगीत में बाधा नहीं होनी चाहिए। आभार स्पिक मैके राष्ट्रीय सलाहकार माणिक ने व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान स्पिक मैके वरिष्ठ सलाहकार डॉ. के.एस. कंग, श्रीमती बलजीत कंग, भावना माहेश्वरी, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन रीर्सोस पर्सन पुष्पराज सिंह सहित स्पिक मैके उपाध्यक्ष संजय कोदली मौजुद थे। 

स्पिक मैके का आगामी आयोजन सताईस अप्रैल को होगा जिसमें शौविक चक्रवर्ती द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुतियां दी जाएँगी।

कृष्णा सिन्हा, 
प्रेस सचिव, स्पिक मैके चित्तौड़गढ़ 
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